बगलामुखी वशीकरण साधना विधि

बगलामुखी वशीकरण साधना विधि
बगलामुखी वशीकरण साधना विधि

बगलामुखी वशीकरण साधना विधि

“बगलामुखी साधना और सिद्धी” ..एक ऐसी साधना जिससे किसी भी तरह के मनवांछित फल की प्राप्ति होती है | इस साधना को सिद्ध करने के बाद उपासक अपनी अभिष्ट सिद्धि को प्राप्त करने में सक्षम हो जाता है | कई विद्वानों के अनुसार किसी भी साधक के अभिलाषा की पूर्णता हेतु यह साधना अन्य किसी साधना से सर्वोपरी है | मनवांछित संतान की प्राप्ति, धन की प्राप्ति, बंदीगृह (कारागार) से मुक्ति, किसी को भी वश में करना, किसी भी बैरी(दुश्मन) पर विजय, मारण, आकर्षण इत्यादि प्रयोगों के लिए इस साधना को अपनाया जाता है | अगर, आप भी इसी तरह की कुछ इच्छा रखते हैं तो इस आर्टिकल के द्वारा सहायता प्राप्त करें | यहां पर आपको जानकारी मिलेगी बगलामुखी साधना और सिद्धि /मंत्र प्रयोग/ शाबर मंत्र साधना/ वशीकरण प्रयोग इत्यादि के विषय में |

बगलामुखी वशीकरण साधना विधि
बगलामुखी वशीकरण साधना विधि

 बगलामुखी साधना और सिद्धी

सामग्री–इस साधना के लिए खुले हुए स्थान का चुनाव ना करें अर्थात आसमान के नीच खुले में साधना ना करें | अगर खुला स्थान हो तो ऊपर से चादर अथवा तिरपाल आदि से चंदोबा (टेंट) तान लें | स्थान की शुद्धता का ध्यान रहे | वस्त्रों के चुनाव में पीले रंग का ध्यान रखें | फूल भी पीले रंग के ही होने चाहिए | जप के लिए माला ले हल्दी की गांठ की बनी हुई | आसन भी पीला रंग का ही लें | भोजन में भी पीले रंग की वस्तुओं का विशेष ध्यान रखें |

मंत्र –” ओम् ह्वीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्वीं ओम् स्वाहा”

विधि– सबसे पहले किसी पाटे/चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा कर उस पर अष्टदल का कमल बनाएं पीले चावलों द्वारा| यह करने के बाद इसपर मां बगलामुखी की तस्वीर अथवा यंत्र को स्थापित करें | अब पूजन करें षोडसी का | उसके बाद जाप करना प्रारंभ करें | जाप संख्या आप अपने कार्य के अनुसार दस हजार अथवा एक लाख तक रखें | इसे आप ७, ९, ११ या २१ दिनों के भीतर पूरा करें | लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि हर दिन जाप की संख्या को उतना ही रखें जितना संख्या अपने पहले दिन रखी थी, इसमें परिवर्तन कदापि न करे | हवन जाप की संख्या का दशांश, तर्पण हवन की संख्या का दशांश, मार्जन तर्पण की संख्या का दशांश और ब्राह्मण भोजन मार्जन की संख्या का दशांश कराएं | सिद्धि प्राप्त करने हेतु इसी तरह से साधना करें |

बगलामुखी मंत्र प्रयोग –साधना की सिद्धी हो जाने पर इससे निम्नलिखित प्रयोग किये जा सकते हैं–

* मनवाछिंत संतान की प्राप्ति के लिए हवन करते समय करवीर एवं अशोक के पत्तों द्वारा हवन करें | * धन धन की प्राप्ति के लिए तिल,  चावल एवं दूध से बनी हुए खीर से हवन करें |

* गुगल और तिल से हवन यदि हवन किया जाए तो कैदी को जेल से मुक्ति मिलती है |

* सिमर के फलों द्वारा हवन किए जाने पर निश्चय ही शत्रु को पराजित किया जा सकेगा |

* रोग निवारण हेतु कुम्हार के चाक की मिट्टी, चीनी का बुरा (शक्कर), शहद, चार अंगुल की लकड़ियां रेड़ी की, घी और खील लव को मिलाकर हवन करें |  विभिन्न प्रकार के सभी रोगों से मुक्ति मिलेगी |

* हवन में अगर सरसों का व्यवहार किया जाए तो वशीकरण प्रभाव पैदा होता है |

* आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए शक्कर, घी, शहद और नमक के साथ हवन करें |

 

बगला मुखी साबर मंत्र साधना

मन्त्र–”ओम ह्वलीं ब्रह्मस्त्राये विद्महे स्तंभन बाणाय धीमही तन्नो बगला प्रचोदयात् “

उपरोक्त विधि द्वारा ही अश्विनी नक्षत्र में इस मंत्र को १००० बार जाप कर सिद्ध कर ले |

प्रयोग

*    लाभ किसी भी प्रकार के लाभ की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का दो हजार बार

जाप करें भरणी नक्षत्र में |

*    कृतिका नक्षत्र में जागृत हो जाता है मंत्र अगर २००० बार जाप किया जाए तो |

*    कामना पूर्ति के लिए १०० या १००० बार जाप करें रोहिणी नक्षत्र में |

*     तीव्र बुद्धि करने के लिए ५०००  बार जाप करें मृगशिरा नक्षत्र में |

*    किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए आद्रा नक्षत्र में मंत्र जाप करें ६००० बार |

*    देवत्व की प्राप्ति होती है पुनर्वसु नक्षत्र में १००० बार जाप करने से |

*     ७००० बार पुष्य में जाप करने से भी मंत्र की सिद्धि होती है |

*    कामना पूर्ति के लिए अश्लेषा नक्षत्र में ६००० बार जाप करें |

*    किसी भी अधिकार की प्राप्ति के लिए १०००० बार जाप करें मघा नक्षत्र में |

*    तीनों पूर्वा नक्षत्र में ११०००  बार जाप करने से प्राप्ति होती है धन की |

*    उत्तरा नक्षत्र में १२००० बार जाप करने से किसी भी प्रकार के कामना की

पुर्ति सम्भव है |

*    १३००० बार जाप करें हस्त नक्षत्र में तेजस्वी बनने के लिए|

*    दो हजार बार जाप करें चित्रा नक्षत्र में सफलता  की प्राप्ति के लिए |

*    सौम्यता प्राप्त करने के लिए विशाखा नक्षत्र में जाप करें ४००० बार |

*    परिवारिक सुख प्राप्त करने के लिए पूरे समय अनुराधा नक्षत्र में जाप करें |

*    २००० बार जाप करें जेष्ठा नक्षत्र में | इससे भी मंत्र की सिद्धि होती है |

*    ५००० बार जाप करें मूला नक्षत्र में साधना सफल करने के लिए |

*    यशस्वी बनने के लिए २००० बार जाप करें श्रवन नक्षत्र में |

*    कार्य सिद्धि के लिए २००० बार जाप करें घनिष्ठा में |

*    किसी भी पाप की मुक्ति के लिए सतभिषा नक्षत्र में जाप करें २००० बार |

*    अधिकार बढ़ाने के लिए ४ हजार बार जाप करें रेवती में |

*    स्तंभन, उच्चाटन, वशीकरण आदि कार्यों की सिद्धि के लिए ८००० बार जाप

करें स्वाति नक्षत्र में  |

 

बगलामुखी वशीकरण प्रयोग

“ ओम बगलामुखी सर्व अमुक (स्त्री/ पुरुष का नाम) हृदय मम् वश्यं कुरु एं ह्वीं स्वाहा” “.. पूरे विधि विधान से इस मंत्र का जाप करते हुए ब्रह्मचर्य का पालन करें

बगलामुखी साधना की पू्र्णता के बाद निम्नलिखित मंत्र द्वारा मां से क्षमा की प्रार्थना भी करें —

“ आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् ,

पूजा चैद न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरी |

मंत्रहीनं क्रिसरहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरी,

यात्यूजितम मायां देवी परिपूर्ण तदस्तु मे |”

 

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वशीकरण विधि वशीकरण एक आद्यात्मिक कला है जिसको बहुत कठिन आत्मिक तपस्या के बल से प्राप्त किया जाता है. वशीकरण विधि को एक बार प्राप्त कर के आप अपना मनचाहा काम पल भर मे पूरा कर सकते हो.वशीकरण विधि का दुरूपयोग करने से ये विधि काम करना बंद कर देती है, इसलिए धारक को ये सलाह दे जाती है की वो वशीकरण विधि का वही उपयोग करे जहा इसकी वास्तव मे नेक कार्य मे जरुरत हो.किसी भी कार्य के अनुसार वशीकरण की अलग अलग विधि उपयोग मे लायी जाती है. एक वास्तव वशीकरण विधि धारक वो है जो समस्या को समझ के सही वशीकरण विधि का उपयोग करे.